Sadak Par School witnessed huge participation of school students

AISA-RYA have been running Sadak Pe School campaign in different villages, mohallas and tolas in Bhojpur against the dilapidated condition of government schools which are the only destination for children of poor and marginalised. Continue reading

Condemn The Arrest of Documentary Filmmaker Divya Bharathi

The CPI(ML) and AISA condemns the arbitrary and illegal arrest of documentary filmmaker and CPI(ML) Liberation member Divya Bharathi by the Tamil Nadu police yesterday. Comrade Divya, whose most noted recent film was Kakkoos, a searing documentary about manual scavenging, was arrested for her participation in a student protest in 2009.
In 2009, as an AISA activist in Madurai, Divya had organized an agitation of Dalit hostel residents against the abysmal conditions of the hostels. The immediate context of the agitation was the death by snakebite of a student in one of the Dalit hostels. The police at the time filed a case against Divya and other agitating students. Continue reading

लोकतंत्र बचाओ रैली में लखनऊ पहुँचे सैंकड़ों युवा गिरफ्तार, जनदवाब में हुई रिहाई

उत्तर प्रदेश में तेज़ी से बढ़ती बलात्कार व लूट-मार की घटनाओं पर लगाम लगाने, दिनों-दिन बढ़ती सांप्रदायिक-जातीय हिंसा के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने, भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर आज़ाद को अविलंब रिहा करने, योगी आदित्यनाथ का विरोध करने वाले लखनऊ विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों पर थोपे गए फर्ज़ी मुकदमे खारिज करने, शिक्षा का बजट कम करने के फैसले को वापस ले कर हर विद्यार्थी के लिए गुणवत्तायुक्त नि:शुल्क शिक्षा उपलब्ध करवाने तथा भर्तियों पर लगी रोक हटा कर हर बेरोजगार हेतु सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध करवाने जैसी माँगों के साथ लखनऊ विश्वविद्यालय से विधानसभा तक मार्च निकालने के इरादे से यूपी के तमाम जिलों से जुटे आइसा और इंकलाबी नौजवान सभा से जुड़े सैंकड़ों छात्रों-नौजवानों से योगी सरकार इतना डर गई कि मार्च शुरु करते ही पुलिस ने सैंकड़ों कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया, जहाँ से उन्हें बसों में बैठा कर पुलिस लाइन ले जाया गया।

Continue reading

AISA launches campaign against saffron policy offensive on education

With a call to Save Education, Save Country, AISA today launched its nation-wide campaign at Gandhi Peace Foundation, Delhi against the Regime of Seat-Cut, NET-Cut, Fund-Cut and the saffron policy offensive against education, employment and hate propaganda by RSS/BJP. Continue reading

नॉएडा में हुए घरेलु मजदूर के ऊपर हिंसा पे भाकपा माले की रिपोर्ट

Photo Courtesy – Times Of India

भाकपा माले, ऐक्टू और दिल्ली टीचर्स इनिशिएटिव (डी टी आई) की एक टीम जिसमे कामरेड ऊमा गुप्ता, जीशान, शिव कुमार व अभिषेक शामिल थे, दिनांक 13 जुलाई को नॉएडा में जोहरा से मिलने गई. टीम की मुलाक़ात जोहरा की सास के साथ हुई, जिन्होंने ने कई बातें बताईं. इसके अलावा आसपास रहने वाले कई मजदूरों से भी टीम ने बात की. जोहरा के साथ 11-12 जुलाई को ‘महागुन अपार्टमेंट’, नॉएडा में बंधक बना कर मार-पीट की गई थी, जिसके बाद से वहां रहने वाले मजदूरों में काफी रोष और भय का माहौल बना हुआ है. घटना के बाद लगातार स्थानीय पुलिस द्वारा मजदूरों को परेशान किया जा रहा है, कई मजदूरों को 12 जुलाई की रात पुलिस द्वारा उठा लिया गया. Continue reading

UGC repesentative faces questions from AISA

 

In Delhi during the protest, the additional Secretary of UGC Ms. Pankaj Mittal had to come out and talk to the students. She could not give any concrete assurance and only fueled further confusion. The students have given one week’s time to the UGC for coming out with a clear notification on the status of bi-annual NET, restrictive cap and number of JRFs. If the UGC does not clarify its position within one week, our movement will intensify!

SEE  ALSO : Countrywide Protests by AISA against discontinuation of Bi-annual NET examination

Countrywide Protests by AISA against discontinuation of Bi-annual NET examination

This slideshow requires JavaScript.

AISA protested against the UGC and MHRD for reducing the scope of NET-JRF examination drastically by holding the NET exam once instead of twice a year and reducing the number of students qualifying NET from present 15% to a meagre 6%. AISA held protest demonstrations in different Indian cities namely Patiala, Chandigarh, Delhi, Allahabad, Lucknow, Ara, Darbhanga and Kolkata.

Today AISA protested in front of UGC head office in New Delhi. AISA demanded that the chairperson of UGC should come and talk with the student directly.  Delhi police threatened the protestors as per their usual style. But the protestors held their ground. It forced UGC to send an additional secretary to come and talk with protestors. The questions that are asked to the UGC representative are

a) What happened to the June-July NET exam?

b) Why do the number of NET qualifying students being decreased from 15% to 6 % ?

c) Why did the UGC take the decisions without a proper notification?

d) Do the number of JRFs also being decreased?

The additional secretary  quite naively told that June-July NET exam will happen but it is being postponed slightly.It is in common knowledge that notification for November exam is already out. The second question is answerd in a vague manner where she claimed in effect number of NET qualifying students will increase. She told that the issue of conduction of exams are not being discussed with UGC and it is under the purview of MHRD and CBSE. She told that no final decision has been taken on conduction of bi-annual NET examination. See the video here.

AISA demanded that a proper notification should be published on the UGC website clarifying the confusions around bi-annual NET and the 6% cap within 1 week. AISA resolved to go on a bigger agitation after looking into UGC’s clarification.

See Also: Letter of AISA activist Nitin from jail.

 

आइसा नेता नितिन का जेल से पत्र

Courtesy Janchowk

‘हमारे आदर्श भगत सिंह और चंदू हैं, सावरकर नहीं, जो जेल के भय से माफ़ीनामा लिखकर छूटे’

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पिछली 7 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ आइसा समेत कई संगठनों के छात्रों ने विरोध-प्रदर्शन किया था। इस मौके पर एक दर्जन से ज्यादा छात्रों और उनके नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया था। गिरफ्तारी के बाद इन सब पर गंभीर आपराधिक धाराएं लगा दी गयी थीं। निचली अदालत से जमानत खारिज होने के बाद तकरीबन तीन हफ्ते बाद इन नेताओं को ऊपरी अदालत से जमानत मिल पायी। लेकिन अभी भी आइसा के एक नेता नितिन राज को जमानत नहीं मिल सकी है। बताया जा रहा है कि इसके पीछे वजह पुलिस द्वारा मांगी गई घूस का न दिया जाना है। बाकी साथियों की रिहाई के बाद जेल में अकेले बंद नितिन राज ने एक पत्र जारी किया है। पेश है नितिन का पत्र।)

 

आज शायद भारतीय छात्र आन्दोलन अपने इतिहास के सबसे दमनात्मक दौर से गुजर रहा है, जहाँ छात्रों को अपनी लोकतान्त्रिक माँगों को लेकर की गई छात्र आन्दोलन की सामान्य कार्यवाही के लिए भी राजसत्ता के इशारे पर महीनों के लिए जेल में डाल दिया जा रहा है। छात्र आन्दोलन से घबराई योगी सरकार, जो कि इसे किसी भी शर्त पर कुचल देना चाहती है, हमें इतने दिनों तक जेल में रख कर हमारे मनोबल को तोड़ने की कोशिश कर रही है। लेकिन हम क्रान्तिकारी परम्परा के वाहक हैं हमारे आदर्श भगतसिंह और चंदू हैं, सावरकर नहीं, जो जेल के भय से माफ़ीनामा लिखकर छूटे और अंग्रेजों की दलाली में लग गए। हमें अगर और दिनों तक जेल में रहना पड़ा तब भी हम कमजोर पड़ने वाले नहीं हैं।

 

        कल जब हमारे साथ के सभी आन्दोलनकारी साथियों की रिहाई हो गई और मेरी नहीं हुई तो पहले कुछ कष्ट हुआ लेकिन जब से पता चला कि मेरी रिहाई BKT थाने में हमारे साथियों द्वारा रिश्वत देने से इंकार करने के चलते रुकी है तब मुझे जानकर ख़ुशी हुई। यदि रिश्वत देकर मेरी रिहाई कल हो गई होती तो मैं छूट तो जाता परन्तु वो भ्रष्टाचार के खिलाफ आन्दोलन, जिसके चलते मैं जेल में आया, शायद हार जाता। जो कि इस आन्दोलन की मुख्य अंतर्वस्तु को ही भटका देता। मुझे गर्व है कि मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ सही मायने में लड़ रहा हूँ और अपने सिद्धांतों के साथ खड़ा हूँ भले ही मुझे इसके लिए अधिक दिनों तक जेल में क्यों न रहना पड़ रहा हो। जेल में मैं बस हमारे प्रिय छात्रनेता चंद्रशेखर प्रसाद (चंदू) के शब्दों में “ यह मेरी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा है कि मैं चे ग्वेरा की तरह जियूँ और भगतसिंह की तरह मरूं”, को याद करके खुद को राजसत्ता के दमन से ज्यादा मजबूत पाता हूँ और लड़ने की एक नई ऊर्जा प्राप्त करता हूँ। 

 

                    आज पूरे देश में जिस तरीके से कार्पोरेट फासीवादी ताकतों की सत्ता स्थापित है उसमें लगातार दलितों, अल्पसंख्यकों, महिलाओं व अन्य वंचित तबकों पर हमले बढ़ रहे हैं। पूरे देश में एक ऐसी भीड़ पैदा की जा रही है जो सिर्फ अफवाह के चलते किसी की भी हत्या कर दे रही है। हमारे किसान जब अपने अधिकारों की मांग करते हैं तो उन्हें गोली से उड़ा दिया जा रहा है। अगर छात्र-नौजवान शिक्षा और रोजगार की बात करता है तो उसे जेल में ठूंस दिया जा रहा है, जो भी सरकार पर सवाल उठाता है उसे देशद्रोही करार दे दिया जाता है। इस भयानक दौर में मैं देश के सभी छात्र नौजवानों से अपील करता हूँ कि भगत सिंह के क्रांतिकारी विचारों से प्रेरणा लेते हुए समाज के सभी उत्पीड़ित तबकों को गोलबंद कर इन जनविरोधी, लोकतंत्र विरोधी सरकारों को उखाड़ फेंकने की जिम्मेदारी लें। ये काम सिर्फ छात्र-नौजवान ही कर सकते हैं।
अंत में मैं फिर इन सरकारों से कहना चाहता हूँ कि तुम्हारा कोई भी दमन और तुम्हारे भ्रष्टतंत्र की कोई भी बेशर्मी और बेहयाई क्रांतिकारी नौजवानों के मंसूबों को तोड़ नहीं सकती। 

 

इंकलाब जिंदाबाद !!                                                     नितिन राज
दिनांक-02.07.2017                                                  नेता, आइसा
जिला कारागार, लखनऊ

 

Source : Janchowk